Dr. Karuna Saha

डॉ. करुणा साहा का जन्म 17 जून, 1943 को पठानकोट (पंजाब) में हुआ। दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.ए. ऑनर्स (इकोनॉमिक्स) और बी.लिब.एससी. की डिग्रियाँ प्राप्त कीं। 1965-67 में दिल्ली विश्वविद्यालय और स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पुस्तकालयों में कार्यभार सँभाला। 1967 में आई.आई.टी., दिल्ली में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष बने। इसी बीच एम.ए. इकोनॉमिक्स और पीएच.डी. की डिग्री आई.आई.टी., दिल्ली से प्राप्त की। अपनी कार्यनिष्ठा और मेहनत से आई.आई.टी. दिल्ली का पुस्तकालयाध्यक्ष पद 1996-98 में प्राप्त किया। 1996-1997 में उन्हें 'Best Award for University Librarians' से पुरस्कृत किया गया।

डॉ. साहा शिक्षा संबंधित कार्यक्षेत्र में काम कर चुकी हैं। उनकी शोध पर आधारित 'Management and Performance' पुस्तक 1991 में प्रकाशित। डॉ. साहा की कवितायें 'शुभ क्यों न स्वीकार करो' शीर्षक के अंतर्गत 1999 में प्रकाशित हुई। अनेक पत्रिकाओं में छप चुकी हैं। हिंदी प्रकाशन में योगदान के लिए उन्हें आई.आई.टी. में डॉ. अक्षय कुमार जैन द्वारा सम्मानित किया गया। 1998 में उनके काम को दृष्टिगत रखते हुए अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोग्राफी ने उनका नाम विश्व के 5,000 प्रमुख व्यक्तियों में जोड़ दिया।

2007 में इन्होंने डॉ. अवधूत शिवानंद जी से शिवयोग और साधनाओं की शिक्षा ली और सक्रिय भाग लेती रहीं। प्रस्तुत पुस्तक लगभग 20 वर्ष के लंबे अंतराल में शिवयोग के प्रशिक्षणों और अनुभवों पर आधारित है।