Arun Rohankar

महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में जनमे और पले-बढ़े अरुण श्यामराव रोहनकर ने अपने 27 वर्षों के बैंकिंग कॅरियर में 25 वर्ष भारतीय स्टेट बैंक में विभिन्न प्रबंधकीय पदों पर कार्य किया और 2 वर्ष भारतीय स्टेट बैंक की समूह कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के पश्चात् उन्होंने कई वर्षों तक मुंबई में स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य किया।

बाद में नागपुर लौटकर उन्होंने कुछ समय तक नागपुर हाई कोर्ट में वकालत भी की। 65 वर्ष की आयु में उन्होंने लेखन के क्षेत्र में कदम रखा। जीवन के गहन अनुभवों और अपनी आध्यात्मिक यात्रा में गुरुदेव की कृपा से प्राप्त शिक्षाओं ने उनके लेखन को विशेष रूप से समृद्ध किया। इन विस्तृत दृष्टिकोणों ने उनकी पुस्तकों में संकलित लघु कहानियों को गहराई और अर्थ प्रदान किया। उनकी लेखन शैली की विशेषता यह है कि वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समान सरलता और प्रवाह के साथ लिखते हैं।